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व्हाट्सप्प अफवाहों और झूठी खबरों को फैलने से रोकने के कुछ उपाय

  • फ़ॉरवर्ड किए गए संदेशों को ध्यान से देखें

    आपको मिलने वाले संदेशों पर “फ़ॉरवर्ड किया गया” लेबल लगा होता है, जिससे आपको जानने में आसानी होती है कि आपको मिलने वाला संदेश आपके दोस्त या परिवारजन ने लिखा है या फिर किसी अन्य व्यक्ति ने. जब आपको पता न हो कि आपको मिलने वाला संदेश असल में किसने लिखा है तो ऐसे में संदेशों की अच्छे से जाँच करके पता लगाएँ कि वह संदेश सच है या नहीं. फ़ॉरवर्ड किए गए संदेशों के बारे में और अधिक जानने के लिए कृपया ये लेख पढ़ें.

  • फ़ोटो और वीडियो पर जल्द ही यकीन न करें

    फ़ोटो, ऑडियो और वीडियो आपको बहकाने के लिए भी भेजे जाते हैं, उनमें दिखाया गया हमेशा सच नहीं होता. अगर खबर सच्ची होगी तो अवश्य ही किसी न्यूज़ चैनल या रेडियो पर भी दिखाई या सुनाई जाएगी, इसलिए खबर की सच्चाई का पता लगाएँ. जब एक खबर कई जगह छपती है, को उसके सच होने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं.

  • थोडे अलग दिखने वाले संदेशों से सावधान रहें

    आपको मिलने वाले संदेशों या वेबसाइट्स के लिंक में अगर गलत स्पैलिंग होती है तो उनमें शामिल खबर झूठी होती है. इन संकेतों को देखें ताकि आप पता लगा सकें कि जानकारी सही है या नहीं. संदिग्द्ध लिंक के बारे में अधिक जानने के लिए कृपया ये लेख पढ़ें.

  • किसी भी बात पर जल्द विश्वास न करें

    ऐसी जानकारी से बचें जो आपकी पूर्ववर्ती मान्यताओं की कन्फ़र्म करती है और किसी भी जानकारी को शेयर करने से पहले तथ्यों की अच्छे से जाँच कर लें. वे बातें जिनपर यकीन करना थोड़ा मुश्किल होता है वे अक्सर झूठी होती हैं.

  • अफ़वाहें जल्दी फैलती हैं

    ऐसा ज़रूरी नहीं है कि अगर संदेश कई बार शेयर किया जाए तो वह सच हो, कई बार अफ़वाहें ज़्यादा फ़ैलती हैं. सिर्फ़ इसलिए संदेश फ़ॉरवर्ड न करें क्योंकि संदेश भेजने वाला आपसे संदेश को शेयर करने के लिए बार-बार कह रहा है, सोच-समझकर संदेश को फ़ॉरवर्ड करें.

  • खबर के सच होने का पता लगाएँ

    अगर आपको यकीन न हो कि संदेश में मौजूद जानकारी सच है या झूठ, तो ऐसे में तथ्यों की जाँच करें और न्यूज़ पर खबर के सच होने की जाँच करें. अगर आपको फिर भी यकीन न हो कि संदेश में मौजूद जानकारी सच है या झूठ, तो ऐसे में उन लोगों से पता करें जिन पर आपको भरोसा है.

  • अफ़वाहों को फैलने से रोकें

    अगर आपको किसी ने ऐसा संदेश भेजा है जो आपको लगे कि सच नहीं है, तो जिसने आपको वह संदेश भेजा है उससे संदेश के सच होने का प्रमाण माँगें और अगर वह आपको संदेश के सच होने का प्रमाण न दे सकें तो उन्हें ऐसे संदेश भेजने से मना करें. अगर कोई ग्रुप में या कोई व्यक्ति बार-बार अफ़वाहें या झूठी खबरें भेजता है, तो उसकी रिपोर्ट करें. इस लेख में से जानें कि उस व्यक्ति या ग्रुप की रिपोर्ट कैसे कर सकते हैं.